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VOL. 5, ISSUE 6 (2020)
जनजातीय आन्दोलन में विरसा मुण्डा की भूमिका
Authors
मनोज कुमार पंडित
Abstract
बिरसा मुंडा का प्रादुर्भाव हुआ जो आगे चलकर जनजातीय आकांक्षाओं का मूर्त रूप सिद्ध हुआ। जनजातियों में मुंडा ही सर्वाधिक शोषित थे। न उन्हें किसी प्रकार की स्वतंत्रता थी और न उनके कोई अधिकार थे। वे अपने देवी-देवताओं में भी विश्वास खोते जा रहे थे क्योंकि ये शोषकों से उनकी रक्षा करने में असमर्थ थे। किन्तु बिरसा ने इन्हें एक नया धर्म, नवीन जीवन-दर्शन, नवीन आचार संहिता और जो कुछ उन्होंने खो दिया था उसे फिर से प्राप्त करने का एक कार्यक्रम दिया। सबसे बड़ी बात कि आदिवासियों को लगा कि बिरसा के माध्यम से वे अंग्रेजों को छोटानागपुर से निकाल बाहर कर सकते थे।
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Pages:25-28
How to cite this article:
मनोज कुमार पंडित "जनजातीय आन्दोलन में विरसा मुण्डा की भूमिका". International Journal of Advanced Education and Research, Vol 5, Issue 6, 2020, Pages 25-28
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