Logo
International Journal of
Advanced Education and Research

Search

ARCHIVES
VOL. 1, ISSUE 11 (2016)
मृदा प्रदूषण: स्त्रोत, प्रभाव, नियंत्रण के उपाय
Authors
संकेत मिठारवाल
Abstract
मृदा भूमि की ऊपरी परत है जो चट्टानें के विखण्डन क्रिया में बारिक कणों से बनती है। यह उपजाऊ मृदा जब मानवीय एवं प्राकृतिक क्रियाओं के द्वारा अपनी गुणवता खोने लगती है तो उसे मृदा प्रदूषण कहते हैं। मानव की मुख्य क्रियाओं में वनोन्मूलन, गहन कृषि, खनन, घरेलू अपशिष्टों का बहिस्त्राव, सिंचाई के दोषपूर्ण तरीके, कीटनाशियों का उपयोग आदि से है जो मृदा की गुणवता में कमी लाती है। मृदा प्रदूषण को भूमि सरंक्षण, अपशिष्टों का उचित तरीके से निस्तारण, वृक्षारोपण, कीटनाशी रासायनों के उपयोग में कमी तथा फसल चक्र प्रबंधन से नियंत्रित किया जा सकता है।
Download
Pages:47-49
How to cite this article:
संकेत मिठारवाल "मृदा प्रदूषण: स्त्रोत, प्रभाव, नियंत्रण के उपाय". International Journal of Advanced Education and Research, Vol 1, Issue 11, 2016, Pages 47-49
Download Author Certificate

Please enter the email address corresponding to this article submission to download your certificate.